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ⓘ धर्म. यह लेख धर्म के विषय में है। भारतीय दर्शन धर्म के लिए धर्म देखें। धर्म या मज़हब किसी एक या अधिक परलौकिक शक्ति में विश्वास और इसके साथ-साथ उसके साथ जुड़ी री ..




                                               

ओझा

ओझा पारम्परिक समाजों में ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है जिनके बारे में यह विश्वास हो कि उनमें प्रत्यक्ष दुनिया से बाहर किसी रूहानी दुनिया, आत्माओं, देवी-देवताओं या ऐसे अन्य ग़ैर-सांसारिक तत्वों से सम्पर्क रखने या उनकी शक्तियों से लाभ उठाने की क्षमता है। ओझाओं के बारे में यह धारणा होती है कि वे अच्छी और बुरी आत्माओं तक पहुँचकर उनपर प्रभाव डाल सकते हैं और अक्सर ऐसा करते हुए वे किसी विशेष चेतना की अवस्था में होते हैं। ऐसी अवस्था को अक्सर किसी देवी-देवता या आत्मा का चढ़ना या हावी हो जाना कहतें हैं। पारम्परिक समाजों में अक्सर चिकित्सा के उपचार भी ओझा ही जाना करते थे। अक्सर जनजातियों या पारम्परिक क़ ...

                                               

राज्य धर्म

राज्य धर्म राज्य द्वारा आधिकारिक रूप से अनुमोदित एक धार्मिक निकाय या creed हैं। आधिकारिक धर्म वाला एक राज्य, भले धर्मनिरपेक्ष न हो, पर धर्मतन्त्र हो, यह आवश्यक नहीं।

                                               

प्रमुख धार्मिक समूह

दुनिया के प्रमुख धर्म और आध्यात्मिक परम्पराओं को कुछ छोटे प्रमुख समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है, हालांकि यह किसी भी प्रकार से एकरूप परिपाटी नहीं है। 18 वीं सदी में यह सि द्धांत इस लक्ष्य के साथ शुरू किया गया कि समाज में गैर यूरोपीय सभ्यता के स्तर की पहचान हो। धर्मों की और अधिक व्यापक सूची और उनके मूल रिश्तों की रूपरेखा के लिए, कृपया धर्मों की सूची लेख देखें.

                                               

बोन धर्म

बोन धर्म या बॉन धर्म तिब्बत की प्राचीन और पारम्परिक धार्मिक प्रथा है। आधुनिक युग में इसमें बौद्ध धर्म और बौद्ध धर्म से पहले की तिब्बती संस्कृति में प्रचलित धार्मिक आस्थाएँ शामिल हैं। बहुत से ऐसी बौद्ध-पूर्व आस्थाएँ तिब्बती बौद्ध धर्म में भी सम्मिलित की जा चुकी हैं। कुछ इतिहासकारों के अनुसार बोन धर्म के तत्व सिर्फ़ तिब्बत तक ही सीमित नहीं थे बल्कि उनका ऐतिहासिक प्रभाव तिब्बत से दूर कई मध्य एशिया के क्षेत्रों तक भी मिलता था। इतिहासकार बोन धर्म को तिब्बती साम्राज्य से पहले आने वाले झ़ंगझ़ुंग राज्य से भी सम्बन्धित समझते है।

                                               

अध्यात्म एवं विज्ञान

विज्ञान vs #भगवान #विज्ञान और #भगवान के बीच कोई आपसी टकराव नहीं है । दोनों अपने अपने यथास्थान पर स्थित हैं और अगर हम अपनी सोच का स्तर थोडा ऊँचा करके देखेंगे तो हम पाएंगे कि विज्ञान और भगवान दोनों एक दुसरे के पूरक हैं । ब्रह्माण्ड में जितने भी गृह नक्षत्र तारे बल उर्जा है । सारे कहीं न कही एक दुसरे से जुड़े हुए हैं । मगर विषय के तौपर दोनों भिन्न हैं विज्ञान प्रमाणिक आधारो पर मिलने वाले वास्तविक ज्ञान का संग्रह है जबकि #ईश्वर अध्यात्म #धर्मशास्त्और #आस्था का विषय है । #लेकिन विज्ञान अस्थाई है जबकि परमात्मा अजर अविनाशी है और विज्ञान परमात्मा की अनुकंपा से ही है। इसलिए कह सकते है कि #भगवान #सर ...

                                               

प्राचीन रोम में धर्म

रोमन धर्म प्राचीन रोम नगर और इटली देश का सबसे मुख्य- और राजधर्म था। रोमन धर्म सामी धर्म बिलकुल नहीं था। वो एक भारोपीय धर्म था। ये एक मूर्तिपूजक और बहुदेवतावादी धर्म था। इसमें एक अदृश्य ईश्वर की अवधारणा नहीं थी। ईसाई धर्म के राजधर्म बनने के बाद ईसाइयों ने इसपर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद ये लुप्त हो गया। इस धर्म के कई देवताओं के सम्तुल्य देवता प्राचीन यूनानी धर्म में, जर्मनिक धर्म और फ़ारसी धर्म में मिलते हैं।

                                               

नास्तिकता

नास्तिकता अथवा नास्तिकवाद या अनीश्वरवाद English: Atheism, वह सिद्धांत है जो जगत् की सृष्टि करने वाले, इसका संचालन और नियंत्रण करनेवाले किसी भी ईश्वर के अस्तित्व को सर्वमान्य प्रमाण के न होने के आधापर स्वीकार नहीं करता। नास्ति = न + अस्ति = नहीं है, अर्थात ईश्वर नहीं है। नास्तिक लोग ईश्वर भगवान के अस्तित्व का स्पष्ट प्रमाण न होने कारण झूठ करार देते हैं। अधिकांश नास्तिक किसी भी देवी देवता, परालौकिक शक्ति, धर्म और आत्मा को नहीं मानते। हिन्दू दर्शन में नास्तिक शब्द उनके लिये भी प्रयुक्त होता है जो वेदों को मान्यता नहीं देते। नास्तिक मानने के स्थान पर जानने पर विश्वास करते हैं। वहीं आस्तिक किसी ...

                                               

आदम

आदम, इब्राहीमी धार्मिक मान्यता के अनुसार, ईश्वर द्वारा बनाये गए पहले मानव थे। बाइबिल तथा कुरान में आदम की कहानी का उल्लेख कई बार मिलता है। इस्लाम में आदम को नबी माना जाता है, तथा "मानव जाती के जनक" के रूप में उन्हें श्रध्येय रूप से देखा जाता है। तथा उनकी पत्नी हव्वा को "मानवता की जननी" के रूप से श्रद्धा भाव से देखा जाता है। इस्लामी मान्यता के अनुसार आदम और हव्वा दोनों इस्लाम का पालन करते थे, जो समय के साथ भ्रष्ट होता गया, जबतक मुहम्मद ने इस्लाम की धरती पर पुनः स्थापना की। वहीँ इसाई और यहूदी धर्मों में आदम और हव्वा के ईश्वर के आदेश की अवहेलना कर, जन्नत से बहिष्कृत किये जाने की कहानी पर अत्य ...

                                               

सतगुरु(सिख धर्म)

                                               

मानवता की डगर पर

प्यारे तुम मुझे भी अपना लो । गुमराह हूं कोई राह बता दो। युं ना छोडो एकाकी अभिमन्यु सा रण पे। मुझे भी साथले चलो मानवताकी डगर पे।। वहां बडे सतवादी है। सत्य -अहिंसाकेपुजारी हैं।। वे रावण के अत्याचार को मिटा देते हैं। हो गर हाहाकार तो सिमटा देते है।। इस पथ मे कोई जंजीर नही जो बांधकर जकड सके। पथ मे कोई विध्न नही जो रोककर अ क ड सके।। है ऐ मानवता की डगर निराली। जीत ले जो प्रेम वही खिलाडी।। यहां मजहब न भेदभाव,सर्व धर्म समभाव से जिया.है। वक्त आए तो हस के जहर पीया करते है।। फिर तो स्वर्ग यहीं है नर्क यहीं है। मानव मानव ही है सोच का फर्क है।। ओ प्यारे!इस राह से हम न हो किनारे. न हताश हो न निराश हो। म ...

धर्म
                                     

ⓘ धर्म

यह लेख धर्म के विषय में है। भारतीय दर्शन धर्म के लिए धर्म देखें।

धर्म या मज़हब किसी एक या अधिक परलौकिक शक्ति में विश्वास और इसके साथ-साथ उसके साथ जुड़ी रीति, रिवाज, परम्परा, पूजा-पद्धति और दर्शन का समूह है।

इस संबंध में प्रोफ़ेसर महावीर सरन जैन का अभिमत है कि आज धर्म के जिस रूप को प्रचारित एवं व्याख्यायित किया जा रहा है उससे बचने की जरूरत है। वास्तव में धर्म संप्रदाय नहीं है। ज़िंदगी में हमें जो धारण करना चाहिए, वही धर्म है। नैतिक मूल्यों का आचरण ही धर्म है। धर्म वह पवित्र अनुष्ठान है जिससे चेतना का शुद्धिकरण होता है। धर्म वह तत्व है जिसके आचरण से व्यक्ति अपने जीवन को चरितार्थ कर पाता है। यह मनुष्य में मानवीय गुणों के विकास की प्रभावना है, सार्वभौम चेतना का सत्संकल्प है।

मध्ययुग में विकसित धर्म एवं दर्शन के परम्परागत स्वरूप एवं धारणाओं के प्रति आज के व्यक्ति की आस्था कम होती जा रही है। मध्ययुगीन धर्म एवं दर्शन के प्रमुख प्रतिमान थे- स्वर्ग की कल्पना, सृष्टि एवं जीवों के कर्ता रूप में ईश्वर की कल्पना, वर्तमान जीवन की निरर्थकता का बोध, अपने देश एवं काल की माया एवं प्रपंचों से परिपूर्ण अवधारणा। उस युग में व्यक्ति का ध्यान अपने श्रेष्ठ आचरण, श्रम एवं पुरुषार्थ द्वारा अपने वर्तमान जीवन की समस्याओं का समाधान करने की ओर कम था, अपने आराध्य की स्तुति एवं जय गान करने में अधिक था।

धर्म के व्याख्याताओं ने संसार के प्रत्येक क्रियाकलाप को ईश्वर की इच्छा माना तथा मनुष्य को ईश्वर के हाथों की कठपुतली के रूप में स्वीकार किया। दार्शनिकों ने व्यक्ति के वर्तमान जीवन की विपन्नता का हेतु कर्म-सिद्धान्त के सूत्र में प्रतिपादित किया। इसकी परिणति मध्ययुग में यह हुई कि वर्तमान की सारी मुसीबतों का कारण भाग्य अथवा ईश्वर की मर्जी को मान लिया गया। धर्म के ठेकेदारों ने पुरुषार्थवादी-मार्ग के मुख्य-द्वापर ताला लगा दिया। समाज या देश की विपन्नता को उसकी नियति मान लिया गया। समाज स्वयं भी भाग्यवादी बनकर अपनी सुख-दुःखात्मक स्थितियों से सन्तोष करता रहा।

आज के युग ने यह चेतना प्रदान की है कि विकास का रास्ता हमें स्वयं बनाना है। किसी समाज या देश की समस्याओं का समाधान कर्म-कौशल, व्यवस्था-परिवर्तन, वैज्ञानिक तथा तकनीकी विकास, परिश्रम तथा निष्ठा से सम्भव है। आज के मनुष्य की रुचि अपने वर्तमान जीवन को सँवारने में अधिक है। उसका ध्यान भविष्योन्मुखी न होकर वर्तमान में है। वह दिव्यताओं को अपनी ही धरती पर उतार लाने के प्रयास में लगा हुआ है। वह पृथ्वी को ही स्वर्ग बना देने के लिए बेताब है।

                                     

1.1. धर्म की अवधारणा जैन धर्म

जैन धर्म भारत का एक धर्म है। जैन धर्म का मानना है कि यह संसार अनादिकाल से चला आ रहा है वह अनंत काल तक चलता रहेगा जिन का अर्थ है जिन्होंने स्वयं को जीत लिया हो अर्थात मोह राग द्वेष को जीत लिया हो वो जैन अर्थात उनका अनुसरण करने वाले। जिन धर्म कहता है भगवान कोई अलग से नहीं होते वरन् व्यक्ति निज शुद्धात्मा की साधना से भगवाबन सकता है। भगवान कुछ नहीं करता मात्र जानता है सब अपने कर्मों के उदय से होता है। जैन धर्म कहता है कोई बंधन नहीं है तुम सोचो समझो विचारो फिर तुम्हें जैसा लगे वैसा शीघ्रातिशीघ्र करो। जैन धर्म संसार का एक मात्र ऐसा धर्म है जो व्यक्ति को स्वतंत्रता प्रदान करता है।जैन धर्म में भगवान को नमस्कार नहीं है अपितु उनके गुणों को नमस्कार है।

                                     

1.2. धर्म की अवधारणा इस्लाम धर्म

इस्लाम धर्म क़ुरान पर आधारित है। इसके अनुयाइयों को मुसलमान कहा जाता है। इस्लाम केवल एक ही ईश्वर को मानता है, जिसे मुसलमान अल्लाह कहते है। हज़रत मुहम्मद अल्लाह के अन्तिम और सबसे महान सन्देशवाहक पैग़म्बर या रसूल माने जाते हैं। इस्लाम में देवताओं की और मूर्तियों की पूजा करना मना है।

इस्लाम शब्द अरबी भाषा का सल्म से उच्चारण है। इसका मतलब शान्त होना है। एक दूसरा माना समर्पित होना है-परिभाषा;व्यक्ति ईश्वर कै प्रति समर्पित होकर ही वास्तविक शान्ति प्राप्त करता है|इस्लामी विचारों के अनुसार - ईश्वर द्वारा प्रथम मानव आदम की रचनाकर इस धरती पर अवतरित किया और उन्हीं से उनका जोड़ा बनाया, जिससे सन्तानोत्पत्ति का क्रमारम्भ हुआ! यह सन्तानोत्पत्ति निर्बाध जारी है। आदम उन पर शान्ति हो को ईश्वर अल्लाह ने जीवन व्यतीत करने हेतु विधि-विधान दीन, धर्म से सीधे अवगत कर दिया!

उन्हें मानवजाति के प्रथम ईश्चरीय दूत के पद पेगम्बर पर भी आसीन किया। आदम की प्रारम्भिक सन्तानें धर्म के मौलिक सिद्धांतों जैसे -एक ईश्वर पर विश्वास, मृत्यु पश्चात पुन:जीवन पर विश्चास, स्वर्ग के होने पर, नरक के होने पर, फरिश्तों देवताओं पर विश्वास, ईश-ग्रन्थों पर विश्वास, ईशदूतों पर विश्चास, कर्म के आधापर दण्ड और पुरस्कापर विश्वास, इन मौलिक सिद्धांतों पर सशक्त विश्वास करते थे एवं अपनी सन्तति को भी इन मौलिक विचारों का उपदेश: अपने वातावरण, सीमित साधनों, सीमित भाषाओं, संसाधनों के अनुसार हस्तान्तरित करते थे। कालान्तर में जब मनुष्य जाति का विस्तार होता चला गया और वह अपनी आजीविका की खोज में, पृथक-पृथक जनसमूह के साथ सुदूरपूर्व तक चारों ओर दूर-दूर तक आबाद होते रहे। इस प्रकार परिस्थितिवश उनका सम्पर्क लगभग समाप्त प्राय: होता रहा। उन्होंने अपने मौलिक ज्ञान को विस्मृत करना तथा विशेष सिद्धांतों को, जो अटल थे; अपनी सुविधानुसाऔर अपनी पाश्विक प्रवृत्तियों के कारण अनुमान और अटकल द्वारा परिवर्तित करना प्रचलित कर दिया!

इस प्रकार अपनी धारणाओं के अनुसार मानवजाति प्रमुख दो भागो में विभक्त हो गई। एक समूह ईश्वरीय दूतों के बताए हुए सिद्धांतों ज्ञान के द्वारा अपना जीवन समर्पित मुस्लिम होकर संचालित करते, दूसरा समूह जो अपने सीमित ज्ञान अटकल, अनुमान की प्रवृत्ति ग्रहण करके ईश्वरीय दूतों से विमुख काफिर होने की नीति अपनाकर जीवन व्यतीत करते।

एक प्रमुख वचन प्रथम पेगम्बर आदम, एडम के द्वारा उद्घोषित किया जाता रहा जो ईश्वरीय आदेशानुसार था!

                                     

1.3. धर्म की अवधारणा ईसाई धर्म

ईसाई धर्म बाइबिल पर आधारित है। ईसाई एक ही ईश्वर को मानते हैं, पर उसे त्रिएक के रूप में समझते हैं -- परमपिता परमेश्वर, उनके पुत्र ईसा मसीह यीशु मसीह और पवित्र आत्मा।

                                     

1.4. धर्म की अवधारणा सिख धर्म

सिख धर्म सिख एक ही ईश्वर को मानते हैं, बराबरी, सहनशीलता, बलिदान, निडरता के नियमों पर चलते हुए एक निराले व्यक्तित्व के साथ जीते हुए उस ईश्वर में लीन हो जाना सिख का जीवन उद्देश्य है। इनका धर्मग्रन्थ गुरु ग्रंथ साहिब है।

                                     

1.5. धर्म की अवधारणा बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म ईश्वर के अस्तित्व को नकारता और इस धर्म का केंद्रबिंदू मानव है। बौद्ध धर्म और कर्म के सिद्धान्तों को मानते है, जिनको तथागत गौतम बुद्ध ने प्रचारित किया था। बौद्ध गौतम बुद्ध को नमन करते हैं। त्रिपीटक बौद्ध धर्म ग्रंथ है।

                                     

2. पंथ और संप्रदाय

पंथ और संप्रदाय में अंतर करते हुए आचार्य विश्वनाथ प्रसाद मिश्र मानते हैं कि पंथ वह है जिसमें विचार भले ही प्राचीन हों किन्तु आचार नया हो। भक्तिकालीन संतों की शिक्षाओं को आचार से जोड़ते हुए पंथ निर्माण की आरंभिक अवस्था का वर्णन करते हुए वे लिखते हैं कि, "ये संत बातें तो वे ही कहते थे जो प्राचीन शास्त्रों में पहले ही कही जा चुकीं हैं, किंतु पद्धति अवश्य विलक्षण थी। केवल आचार की नूतनता के कारण ही ये पंथ कहलाते हैं, संप्रदाय नहीं।" पंथ की स्थापना के लिए कुछ नियम उपनियम बनाये जाने भी आवश्यक होते हैं।

                                     
  • पन थ सम प रद य क अर थ म धर म क ल ए धर म प थ द ख र जधर म क ल ए र जधर म द ख दक ष ण क ल ए दक ष ण द ख धर म प ल : धम म भ रत य स स क त
  • धर म ग र थ क स भ प थ मजहब अथव सम प रद य क म ख य स ह त य ग र थ ह त ह क रआन ब इब ल ब ध द और उनक धम म अव स त भ रत य क प थग र थ श स त र तथ
  • धर मद स क द व र क य थ यह प थ द र शन क और न त क श क ष पर आध र त ह कब र प थ क अन य य य म ह द म सलम न, ब द ध आद धर म क ल ग श म ल ह इनम
  • स ख धर म ख लस य स खमत प ज ब ਸ ਖ 15व सद म भ रत य स त पर पर स न कल एक धर म ह ज सक श र आत ग र न नक द व न क थ इस धर म क अन य य य
  • धर म क आध य त म क य गद न और ईस ई धर म, इस ल म, ब द ध धर म यह द धर म और अन य धर म और प थ क सम म न क अध क र क म न यत द त ह ज एक र स क ल ग
  • च न ब द ध धर म ह न च न ब द ध धर म ब द ध धर म क च न श ख ह ब द ध धर म क परम पर ओ न तक र बन द हज र वर ष तक च न स स क त एव सभ यत पर एक
  • अघ र प थ अघ र मत य अघ र य क स प रद य, ह द धर म क एक स प रद य ह इसक प लन करन व ल क अघ र कहत ह इसक प रवर त तक स वय अघ रन थ श व म न
  • करन क ल य द ग बर स प रद य त रह प थ न क य इस प थ क अन य य प र च न क ल स चल आत ह ए कठ र न यम क प लन म धर म म नत ह और वन म व स करन व ल
  • प थ म ल न श य ई और ओश आन य क अन य द व प क तकन क म अग रसर उपन व शव द य क स थ आमन - स मन ह न पर व कस त ह ए क छ धर म क कहत ह य धर म इस
  • व द क धर म व द क वर ण श रम व द क सभ यत क म ल थ ज भ रत य उपमह द व प म हज र वर ष प र व स ह आध न क ह न द धर म इस ध र म क व यवस थ पर आध र त
  • ज न धर म व श व क सबस प र च न दर शन य धर म सन तन ह द म स न कल एक धर म ह यह भ रत क श रमण परम पर स न कल तथ इसक प रवर तक ह 24 त र थ कर
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  • ब द ध धर म भ रत क श रमण परम पर स न कल ह आ एक धर म और मह न दर शन ह ईस प र व 6ठ शत ब द म ग तम ब द ध द व र ब द ध धर म क स थ पन ह ई ह एव त र प टक
  • बह ई धर म 19व सद क ईर न म श र ह आ एक स वत त र धर म ह यह क स भ अन य धर म क श ख नह ह यह सभ धर म क म न यत द त ह इसक स थ पन य ग वत र
  • प रवर तन त र थ कर परम त म करत ह त रण प थ म कई ऐस आच र य ह ए ज न ह न अपन स धन क अन भव पर धर म जगत क समझ य इन आच र य क स च म अग रण
  • ख लस स ख धर म क व ध वत द क ष प र प त अन य य य स म ह क र प ह ख लस प थ क स थ पन ग र ग ब न द स ह ज न क ब स ख व ल द न आन दप र स ह ब म
  • ग रहणकर ख लस पन थ क सज य प च प य र न फ र ग र ग ब न द स ह क अम त द कर ख लस म श म ल कर ल य इस ऐत ह स क घटन न स ख धर म क तक र बन 300
  • बलप र वक क स अन य धर म म द क ष त ह द ओ क प न ह द धर म म व पस ल न क पर वर तन य पर वर तन स स क र कह ज त ह मध यय ग म सर वप रथम स व म
  • भ ई धरम स ह अथव भ ई धर म स ह व सद क भ रत म ख लस प थ क श र आत करन व ल प रथम प च स ख प ज प य र म स एक थ उनक न म क
  • क ल ब य म ह न द धर म एक अल पस ख यक प थ ह ज सक प लन म ख य र प स हर क ष ण भक त और प रव स भ रत य द व र क य ज त ह इस क न क द श म 20 शहर
  • भ रतवर ष क भ म सद व स धर म प रध न रह ह यह पर धर म क ब न ज वन क कल पन भ नह क ज सकत ह ज सलम र र ज य क व स त र भ - भ ग भ इस भ वन स म क त
  • एक शरण धर म असम य : এক শৰণ ধৰ ম श करद व क व ष णव स प रद य क एक पन थ ह इस धर म म म र त प ज क प रध नत नह ह ध र म क उत सव क समय क वल एक
  • धर म क आल चन अक सर अन य धर म य स द ध त क म नन व ल क द व र क गई ह स व म दय नन द सरस वत न अपन क त ब सत य र थ प रक श म स ख धर म क
  • म ल स द ध त क व र द ध थ ईस ई धर म और यह द धर म क इस ल म न व ध त स व क र कर ल य पर इस ल म क अन स र इन धर म क अन य य य और प ज र य न इनम


                                     
  • Fabrications Muslim Leaders Need to Stop Making About Ahmadi Muslims क तन प थ म ब ट ह म स ल म सम ज? प क अहमद य क न ब ल क ब ल मगर ज त नह
  • म ज न धर म म आस थ रखन व ल क स ख य बह त कम ह फ र भ ज न ल ग हर वर ष मह व र जय त र ज य म ध म - ध म र प स मन त ह श व त म बर प थ क आच र य
  • प थ ग त और इस ग त क स थ क य ज न व ल प थ न त य छत त सगढ क सतन म धर म क ल ग क द व र ईश वर सतन म प त क स त त म और स त ग र घ स द स ब ब
  • मह न भ व प थ ह न द ओ क एक सम प रद य ह ज सक प रवर तन ई. म श र चक रधर स व म न क य थ व परब रह म परम त म क अवत र ह यह श स वत सत य कह
  • स क ख धर म क प जप य र म ल गए ज न ह न ब द म अपन न ष ठ और समर पण भ व स ख लस प थ क जन म द य ऐस म ल स क ख धर म क प ज प य र .. धर म ड स क
  • स ख क आद ग र थ म भ द खन क म लत ह व ह न द धर म व इस ल म क न म नत ह ए धर म न रप क ष थ उन ह न स म ज म फ ल क र त य कर मक ड
देवराज
                                               

देवराज

देवराज मध्ययुग में दक्षिणपूर्व एशिया के देशों के राजाओं का सम्बोधनसूचक शब्द था। यह परम्परा सनातन धर्म और स्थानीय परम्पराओं से उपजी हुई परम्परा थी। माना जाता था कि राजा, का स्वरूप दैवी है और वह श्री भगवान का स्वरूप है। राजा को अलौकिक शक्ति से सम्पन्न तथा धरती पर देव माना जाता था। यह मान्यता, भारतीय परम्परा में चक्रवर्तिन् से मिलती-जुलती थी।

                                               

सतनामी

सत को मानने वाले सतनामी कहलाते है। सतनामी गुरु घासीदास जी के सतनाम विचारधारा के अनुयायी है। शिव कामले जी के अनुसार:- अतीत में हिंदू वर्ण व्यवस्था में सतनामी समाज के साथ अष्प्रिष्यता का भाव सनातन संस्कृति और वर्ण व्यवस्था के अमानवीय व्यवहाऔर असमान व्यवस्था के विरुद्ध विद्रोह का.सामाजिक बहिष्कार की परिणति थी न कि पेशागत कार्य और न वर्णिक व्यवस्था के अधीन निम्नतर जाति का होना!.और मूर्ख जातियाँ उस परम्परा का निर्वहन यदा कदा आज भी करते मिल जाते हैं!!

                                               

प्यूरिटनवाद

शुद्धतावाद एक धार्मिक सुधार आंदोलन था जो 1500 दशक के अंत में इंग्लैंड में शुरू हुआ था। इसका प्रारंभिक लक्ष्य कैथोलिक चर्च से अलग होने के बाद इंग्लैंड में चर्च के भीतर कैथोलिक धर्म के लिए किसी भी शेष लिंक को हटाना था। ऐसा करने के लिए प्यूरिटन ने चर्च की संरचना और समारोहों को बदलने की मांग की

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शब्दकोश

अनुवाद

धर्मनिरपेक्ष शब्द कब जोड़ा गया.

पंथ की ताज़ा ख़बर, पंथ ब्रेकिंग न्यूज़ in Hindi, पंथ. सिख धर्म में अगर गुरु साहिब के महत्व को नजरअंदाज करें…तो ये ऐसा होगा, मानों आत्मा के बिना शरीर। 15वीं शताब्दी में सिख धर्म की स्थापना पंजाब प्रांत में गुरु नानक देवजी ने ही की थी। सिख धर्म भारतीय संत परंपरा से निकला एक पंथ. पंथनिरपेक्षता पर निबंध. Content Magadh IGNCA. पर इस संकल्प में विश्वास, धर्म और उपासना तीन शब्दों को अलग करके लिखा गया है। यह बात महत्वपूर्ण भी है और विचारणीय भी है। स्पष्टï है कि विश्वास का अर्थ सम्प्रदाय, मत, पंथ, मजहब से है, और उपासना का अर्थ उसकी पूजन विधि से है, जबकि धर्म को सभी.


धर्मनिरपेक्ष और पंथनिरपेक्ष क्या है.

भारतीय संत परंपरा से निकला पंथ यथावत. एलमिनाईस कभी भी धर्म, जाति और पंथ को आपस में विभाजित न करे। हमेशा इसका ध्यान रखे। यह बाते रांची कैथोलिक आर्च डायसिस के सहायक बिशप थियोडोर मस्कराहनेस ने कही। वे मुख्य अतिथि के रूप में संत चार्ल्स हेसाग के पहली एलुमनी मीट. धर्म सापेक्ष का अर्थ. नाथ पंथ नहीं था सनातन धर्म का विरोधी Webdunia Hindi. अध्याय 4. धर्म का सामाजीकरण. धर्म और समाज. धर्म और सम्प्रदाय. धर्म, पंथ और मत सिद्धांत. धर्म और व्यक्तिवाद. धर्म और अंधविश्वास. धर्म और तंत्र. मानव से महामानव तक. धर्म और ज्योतिष. AMAN. निरपेक्षता क्या है. धर्म करत संसार सुख धर्म करत निर्वाण धर्म पंथ सा. राष्ट्रीय एकीकरण तथा पंथ निरपेक्षता. आपने हमलोगों से सम्बन्धित मुद्दों का विश्लेषण करने के दौरान पंथ निरपेक्षता को देश की एक आधारभूत विशेषता. बताया के हैं उनकी जातियां भिन्न भिन्न हैं, उनका धर्म और उनकी संस्कृति अलग है वे अलग. Desh Dharm ke Rakshak Guru Gobind Singh Hindi Edition eBook. सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील एचएस फूलका ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र लिखकर सुझाव दिया है कि विश्व भर की अलग डिक्शनरियों में सिख पंथ के स्थान पर सिख धर्म का प्रयोग किया जाए।.


अगली जनगणना में पूछा जा सकता है कि आप.

नयी दिल्ली अलग धर्म और पंथ से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं ने मंगलवार को हिजाब पहनकर जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया। उनका दावा है कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ राजधानी दिल्ली में होने वाले प्रदर्शनों के दौरान. Secularism धर्म निरपेक्षता SAMANYA GYAN. इस सवाल पर प्रोफेसर संगीत रागी ने कहा, जब धर्म और राष्ट्र की बात चल ही रही है, तो पूरे विमर्श के केंद्र में यही बात आती कि हिंदू राष्ट्र क्या है. लेकिन हमको पंथ और धर्म के बीच में अंतर करना होगा. पंथ एक पूजा पद्धति होती है.





प्राचीन भारत का इतिह GK in Hindi सामान्य ज्ञान.

सभी धर्म पंथ समुदायों में देश सेवा का होना चाहिए भाव मोहन भागवत. September 18, 2019 by MBM News Network. सोलन सोलन में कृष्ण भक्तों की आस्था का केंद्र माल रोड पर स्थित श्री कृष्ण मंदिर पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है। आज मंदिर को आम जनता. 2. जैन धर्म के दो पंथ कौन से हैं?​. कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को हिंदू धर्म के लिंगायत पंथ को एक अलग धर्म के रूप में मान्यता देने पर सहमति जताई। राज्य के कानून मंत्री टी.बी. जयचंद्र ने यह जानकारी दी।. अखंड भारत का खंडखंड समाज, लिंगायत को अल्पसंख्यक. किसी जाति का अथवा पंथ का कार्य करनेवालों का, अर्थात् जात्यंधों तथा पंथांधों का कार्य तात्कालिक स्वरूप में रहता है । मानवजाति हेतु धर्म द्वारा किया गया कार्य स्थल तथा काल की सीमा पार करता है ।. Raipur News: दिगंबर जैन सोशल ग्रुप की नई Naidunia. गुरु नानक जयंती. गुरू नानक जयन्‍ती, 10 सिक्‍ख गुरूओं के गुरू पर्वों या जयन्तियों में सर्वप्रथम है। यह सिक्‍ख पंथ के संस्‍थापक गुरू नानक देव, जिन्‍होंने धर्म में एक नई लहर की घोषणा की, की जयन्‍ती है। 10 गुरूओं में सर्व प्रथम गुरू नानक का जन्‍म 1469. Gwalior News: धर्म निरपेक्ष नहीं बल्कि पंथ निरपेक्ष. नाथ पंथ का अभ्युदय. सारत का सामाजिक धार्मिक जीवन अत्यंत समृद्ध है। भारत के. ना सामाजिक धार्मिक जीवन की सर्वाधिक प्रमुख विशेषता युग धर्म के. अनुसार स्वयं शुद्धिकरण की है। अर्थात् भारतीय धर्म संस्कृति दुनिया की ऐसी. अद्वितीय.


क्या सेकुलर शब्द गलत इस्तेमाल होता रहा है? - AajTak.

सिख धर्म से बेदखल प्रोफेसर से जब मिला एक सिख पत्रकार. धर्म और मोक्ष के नाम पर पहले भी हुई हैं सामूहिक. Purushottam Chaware says, धर्म पंथ जात संप्रदाय याला नाही जिथे थारा संशयाचा आजारही काढतो जिथून पोबारा प. Read the best original quotes, shayari, poetry & thoughts by Purushottam Chaware on Indias fastest growing writing app YourQuote. अनटाइटल्ड Shodhganga. लिंगायत समाज के लोग न मूर्ति की पूजा करते है औ ना ही वेदों में विश्वास रखते हैं. धर्म निरपेक्ष कि पंथ निरपेक्ष? SabrangIndia. भारतभूषण पाण्डेय ने कहा कि जिस समय परतंत्र भारत में धर्म ​पंथ के नाम पर समाज आपस में लड़ रहा था, उस समय अखंड भारत समस्त आर्यावर्त में स्वामी जी ने अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ की स्थापना की। लाहौर, करांची, मुंबई, कलकत्ता, ढाका,. सनातन धर्म के प्रहरी थे स्वामी करपात्री जी. Find an answer to your question 2. जैन धर्म के दो पंथ कौन से हैं?​.


सभी धर्म पंथ समुदायों में देश सेवा का होना चाहिए.

रायपुर नईदुनिया प्रतिनिधि धर्म पंथ ग्रंथ के भेदभाव से उपर उठकर जैन धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के उद्देश्य के लिए दिगंबर जैन सोशल ग्रुप का गठन किया गया है इसमें महिला एवं पुरुष प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने शपथ ली अध्यक्ष यशवंत. राष्ट्र जब राष्ट्रवाद बनता है तो यह बीमारी में. पिछले हफ़्ते बड़ी बहस हुई. सेकुलर मायने क्या? धर्म निरपेक्ष या पंथ निरपेक्ष? धर्म क्या है? पंथ क्या है? अँगरेज़ी में जो ​रिलीजन है, वह हिन्दी में क्या है धर्म कि पंथ? हिन्दू धर्म है या हिन्दू पंथ? इसलाम धर्म है या इसलाम पंथ?. धर्म सिखाता है आपस में प्यार करना मुनिश्री विनय. दिल्ली के बुराड़ी में रहने वाले भाटिया परिवार की कथित तौपर मोक्ष प्राप्ति के नाम पर सामूहिक आत्महत्या ने सनसनी फैला दी थी. इतिहास में ऐसे कई दिल दहला देने वाले मामले घटित हुए हैं जो आज भी राज बने हुए है. ममता बनर्जी ने कहा, खुद का धर्म साबित करने से मरना. हाल में दिल्ली में हुए एक क्रॉन्फ्रेंस में कई लोग किसी धर्म के पंथ में विश्वास से जुड़ा आंकड़ा जुटाने को लेकर असहज दिखे. जनगणना से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि लोगों से इस तरह की संवेदनशील जानकारी मांगने से बेवजह विवाद.


धर्म पंथ जात संप्रदाय याल Quotes & Writings YourQuote.

धर्म,पंथ और सम्प्रदाय महानुभाव, धर्म, पंथ और सम्प्रदाय का अर्थ समान नहीं है, अपितु बहुत अन्तर है । धर्म शब्द की व्याख्या व्यापकऔर विस्तृत है । पंथ और सम्प्रदाय दोनो धर्म के न तो अंग हैं और न तो अर्थ है । धर्म की व्यापकता है,वहीं पंथ और. RSS says, every religion, community has a place in it संघ में. जैसे कि हिंदु धर्म जिसे सत्य सनातन धर्म भी कहा जाता है, से कई धर्म, पंथ एवं विचारधाराओं का अविर्भाव हुआ है लेकिन ​अलग पंथों ने अपनी एकल इकाईयां तैयार की है जो कालांतर में पंथ विशेष में परिवर्तित होते चले गए। इन सभी पंथों को मानने वाले. Census 2021: जनगणना 2021: धर्म के साथ साथ पंथ भी. इन के अलावा पहले से सुधारक पंथ बने, बाद में धर्म बन गए व अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त जैन, बौद्ध, सिख धर्मों मे भी अलगअलग पंथ बन गए. जैनियों में श्वेतांबर और दिगंबर, बौद्धों में हीनयान और महायान, सिख धर्म में जटसिख और रविदासीय.





पंथनिरपेक्षता से आप क्या समझते हैं? Vokal.

पुतणे नि काका। सारे एक।। रंग, धर्म, पंथ। जात, पोटजात। बनवावी बात। इलेक्‍शनी।। जैसी ज्याची वांछा। जैसे ज्याचे कर्म। तैसे शब्दवर्म। उमटते।। बेसुमार गाळ्या। आणि शिव्याशाप। आम्ही आहो बाप। लोकशाही।। ऐकून घ्यावे रे। आमुचे निमूट। बाकी सारे झूट।. क्या किसी भी धर्म, पंथ या देवी देवता का मजाक. हालांकि, बाद में बस्वाचार्य यानी बासवन्ना ने सनातन धर्म के विकल्प में एक पंथ खड़ा किया जिसने निराकार शिव की परिकल्पना की. बासवन्ना ने जाति और लिंग भेद के खिलाफ़ काम करना शुरू किया. उनके वचनों में काम को ही पूजा कहा गया. जाति अथवा पंथ का कार्य. धर्म द्वारा किया गया. Please use this identifier to cite or link to this item: ​123456789 24540. Title: Unit 12 धार्मिक संगठन: मत, पंथ और संप्रदाय. Issue Date: 2017. Publisher: IGNOU. URI: ​. Appears in Collections: Block 3 धर्म और उससे संबद्ध पक्ष. Files in This. क्या दुनिया का कोई देश वैसा धर्मनिरपेक्ष है जैसा. बीसवीं शताब्दी में होलीयॉक ने चार्ल्स ब्रेडला के साथ मिलकर धर्म निरपेक्ष आंदोलन को आगे बढ़ाया। धर्मनिरपेक्षता धर्मनिरपेक्षता का अर्थ मत पंथ या मजहबी नियमों से अलग या उसके विपरीत व्यवस्था से होता है। यह आध्यात्मिक या.


पंथ के मायने क्या सिखों का सिर्फ समूह या वो.

नाथपंथी शैव और शाक्त पंथ के अनुयायी हैं। यह भ्रम फैलाना का प्रयास कर रहे हैं कि नाथपंथी तो सनातन धर्म के विरोधी थे।. कर्नाटक में लिंगायत पंथ Samaydhara. हिन्दी महज अभिव्यक्ति का साधन नहीं है बल्कि यह लोगों को जोड़ने का एक सेतु भी है। हिन्दी हमें पंथ धर्म से ऊपर उठाकर एक साथ लाती है। और हिन्दीपन इस भाषा की आत्मा है, जो हमें अधिक सरल, उदाऔर श्रेष्ठ बनाए रखता है।. धर्म सापेक्ष पंथ निरपेक्षता Dharma E Pustakalaya. धर्म करत संसार सुख धर्म करत निर्वाण धर्म पंथ साधन बिना नर तिर्यंच समान. धर्म करत संसार सुख धर्म करत निर्वाण धर्म पंथ साधन बिना नर तिर्यंच समान. 2 प्रतिक्रिया 0 कॉमेंट्स 2 शेयर. शेयर करें. शेयर करें. सम्बंधित पोस्ट्स देखें. Jaipanday. BJP does not discriminate on caste, religion: Rajnath Singh. बौद्ध धर्म के महायान पंथ का विकास किसके काल में हुआ? अजातशत्रु. Show Answer इसका विकास कनिष्क के समय हुआ। असंग ने इसकी शुरुआत की। 22. बौद्ध धर्म का महायान और हीनयान में विभाजन किस संगीति में हुआ?. बादल की पार्टी चुनाव जीतने के लिए लेती है धर्म पंथ. हमें मत, पंथ या संप्रदाय को धर्म नहीं समझना चाहिए। धर्म सभी देशों तथा सभी कालों में सभी व्यक्तियों के लिए एक जैसा रहता है। यह बात आर्य समाज के वक्ता डॉ. महावीर सिंह ने आर्य समाज राम नगर द्वारा आयोजित 34वें स्थापना दिवस पर.


राष्ट्र धर्म में समाहित हैं सभी सम्प्रदाय Patrika.

हमारा अगर कोई धर्म है, तो वह है प्रेम। हमारे बच्चों का धर्म भी प्रेम ही होगा। सो जब उनके यहाँ बेटा हुआ, तो वे उसे अपने जन्म से पहले की एक हिंदी फिल्म का गाना लोरी की तरह सुनाया करते थे तू हिंदू बनेगा न मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान​. धर्म पंथ Owl. कबीर पंथ सिक्ख पंथ निरंकारी सिक्ख आर्य समाज कैथोलिक और प्रोटेस्टेन्ट. मगध में अनेक धार्मिक परंपराएं उत्पन्न हुई और वैष्णव धर्म में मुक्ति के चार उपायों में एक उपाय यह सुझाया गया है कि पितरों का श्राद्ध कर्म संस्कार सम्पन्न किया जाए।.


लिंगायत नेताओं ने पंथ को धर्म का दर्जा देने की.

नितिन का मानना है कि अयोध्या और सबरीमाला, दोनों ही जगह विवाद की जड़ में हिन्दू धर्म को ईसाई मुस्लिम पंथ के बराबर में खड़ा कर देना, और मंदिर को मस्जिद चर्च जैसा ही मान लेना है। जबकि ऐसा है नहीं। मंदिर बनाने के पीछे यह आस्था. Unit 12 धार्मिक संगठन: मत, पंथ और संप्रदाय eGyanKosh. आज के समय में लोगों ने धर्म को मजहब या संप्रदाय का पर्यायवाची मान लिया है। वे धर्म शब्द सुनते ही किसी मत पंथ या संप्रदाय से समझते हैं। यह नितांत भूल है। इसी भूल के चलते धर्म की गरिमा संदिग्ध हो गई है और मनुष्य धार्मिक कहलाने. मत, पंथ या संप्रदाय को धर्म समझना उचित नहीं डॉ. ग्वालियर नईदुनिया रिपोर्टर भारतीय संविधान की प्रस्तावना सर्वस्पशीर्य है इसमें भारत को पंथ निरपेक्ष घोषित किया गया है और पंथ निरपेक्षता व धर्म निरपेक्षता अलग हैं प्रस्तावना में अखंडता बंधुता और पंथ निरपेक्षता जैसे.


हिन्दी हमें पंथ धर्म से ऊपर उठाकर एक साथ लाती है.

Ahmedabad News in Hindi: राज्यपाल ओ.पी कोहली ने कहा कि राष्ट्र धर्म व मानव धर्म सबसे बड़ा है। इसमें सभी धर्म पंथ एवं सम्प्रदाय. लेसन 24.pmd NIOS. मूल्य Rs. 0 पृष्ठ 421 साइज 59 MB लेखक रचियता सोमनाथ शुक्ल Somnath Shukla धर्म सापेक्ष पंथ निरपेक्षता पुस्तक पीडीऍफ़ डाउनलोड करें, ऑनलाइन पढ़ें, Reviews पढ़ें Dharma Sapeksha Pantha Nirpeksha Free PDF Download, Read Online, Review. Blogs आज का धर्म मूलतः सम्प्रदाय, मजहब, पंथ, रिलीजन. Know about पंथ in Hindi, पंथ के बारे में जाने, Explore पंथ with Articles, पंथ Photos, पंथ Video, पंथ न्यूज़, पंथ ताज़ा ख़बर in Hindi, जानें पंथ के बारे में ताज़ा ख़बरों, फोटोज़ एवं वीडियोस के द्वारा रफ़्तार के एआईएडीएमके हर जाति, धर्म व पंथ की पार्टी Jayakumar. सनातन हिन्दू धर्म को ईसाई या इस्लामी चश्मे से. यह लेख धर्म पंथ के विषय में है। भारतीय दर्शन धर्म के लिए धर्म देखें। धर्म या मज़हब किसी एक या अधिक परलौकिक शक्ति में विश्वास और इसके साथ साथ उसके साथ जुड़ी रीति, रिवाज, परम्परा, पूजा पद्धति और दर्शन का समूह है। इस संबंध में प्रोफ़ेसर.


ओझा का अर्थ.

देख लें तस्वीरेंः जहानाबाद के इस अस्पताल में. कानपूर में ओझा ग्रुप के पास किराए के लिए से अधिक 3 BHK अपार्टमेंट पर उपलब्ध हैं। किराए पर 3 BHK के ​असज्जित, अर्द्ध सुसज्जित, पूरी तरह से सुसज्जित अपार्टमेंट फ्लैट्स लेने के लिए हमें संपर्क करें. ओझा गुनी. ओझा ग्राम पंचायत ज़ोन योजना नियोजन डेशबोर्ड. ओझा हिंदू कान्यकुब्ज ब्राह्मणों, सिखवाल ब्राह्मणों, श्रीमाली ब्राह्मणों, पुष्करणा ब्राह्मणों, अत्रि गोत्र ब्राह्मण, आचार्य ब्राह्मण, भूमिहार ब्राह्मणों, सरयूपारीण ब्राह्मण, नागर ब्राह्मण, और बंगाली विश्वकर्मा के लिए एक उपनाम है।. ओझा meaning in english. सेरजिओ बदिल्ला ओझा का स्वप्न कविता. दुनिया भर में जादू की धूम मचाने वाले हैरी पॉटर की जादूगरनी सही में फंतासी है क्योंकि भारत में हकीकत मर्द हुए तो ओझा और औरत हुई तो डायन, Hindi News Hindustan.





धर्म निरपेक्ष राज्य का धर्म in Hindi Speaking Tree.

हमारे आसपास तेज़ी से हो रहे परिवर्तनों के मद्देनज़र समाज सुधारों की आवश्यकता से कोई इंकार नहीं कर सकता. ऐसे सुधार जितनी जल्दी हो सकें, उतना ही अच्छा होगा. समाज सुधारों के संबंध में दो प्रश्न महत्वपूर्ण हैं. पहला यह कि इनमें राज्य की​. लेह, लद्दाख और करगिल बौद्ध धर्म के Navodaya Times. अगर हम राज्य, राजनीति और धर्म के परस्पर रिश्तों को परे रखकर देखें तो यह दिलचस्प तथ्य सामने आता है कि कुछ धार्मिक परंपराएं, सभी धर्मों के लोगों को प्रभावित करती आई हैं। दक्षिण एशिया व विशेषकर पाकिस्तान और भारत की सूफी व. Unit 30 राज्य और धर्म eGyanKosh. नयी दिल्ली: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ​एनसीपीसीआर ने अपनी निरीक्षण टीमों के अनुभव का हवाला देते हुए सभी राज्य सरकारों से कहा है कि वे बाल गृह में यह सुनिश्चित करें कि सभी बच्चों पर एक धर्म विशेष में आस्था रखने पर. वाराणसी: क्षत्रिय धर्म संसद में Hindustan. त्रिपुरा में 98 ईसाईयों के धर्म परिवर्तन मामले का एक बैल की हत्या से क्या है संबंध? देश के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा के उनाकोटि ज़िले के राची पाड़ा गांव में बीते रविवार को 22 आदिवासी परिवारों के 98 लोगों ने ईसाई धर्म.


सामाजिक समूह के प्रकार.

अनटाइटल्ड NIOS. सहारा समूह ने बेची घरेलू संपत्तियां, सुब्रत राॅय को छुड़ाने के लिए जुटा रहे 10.000 करोड़. Thursday तालिबान से हथियार डलवाने के लिए धार्मिक समूह से बात कर रहा पाकिस्तान. Sunday भारत, चीन, ब्राजील प्रमुख वैश्विक नियामक समूह से जुड़े. Friday. विश्व के प्रमुख धर्म मजहब. अरुणाचल प्रदेशः धर्मांतरण विरोधी कानून होगा. क तीर्थ स्थान से तात्पर्य उस स्थान स्थानों के समूह से है जो कि धार्मिक न्यास एवं. धर्मस्व विभाग यात्री से तात्पर्य उस व्यक्ति व्यक्तियों के समूह से है, जो नियम 3 क में 4 प्रमुख सचिव, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व. सचिव. समूह की परिभाषा क्या है. धर्म और पर्यावरणीय संरक्षण Drishti IAS Coaching in. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुध‍वार को धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं के स्वयं सहायता समूह की कि श्रीक्षेत्र धर्मस्थल के प्रमुख वीरेंद्र हेगड़े के नेतृत्व में इस संस्था ने 4.75 लाख स्व सहायता समूहों का गठन.


तिब्बत में बौद्ध धर्म का प्रचार करने वाले बौद्ध भिक्षु कौन थे.

Page 1 लाहुल तथा स्पिती पर्वतों तथा हिमनद का. राजा स्त्रोड चाड ने रानियों के अनुरोध पर एक विद्वान थोम्भी सम्भोट को बौद्ध धर्म का अध्ययन करने और लिपि हुआ यूं कि पद्मसम्भव ने बोन धर्म के लोगों को सम्मान देते हुए, इनके देवी देवताओं को वही स्थान दिया जो बौद्ध धर्म की. रंगदूम बौद्ध मठ. बहिष्कृत भारत ब्राह्मणवाद मनुवाद को आंबेडकर की. कोटा में बोन बैंक शुरू होने के बाद खराब हो चुकी हड्डियों का पहले ट्रीटमेंट किया जाएगा। सही होने के बाद 6 गोयल यूनिटह. Latest News, पॉलिटिकल, मनोरंजन, खेल, करियर, धर्म और अन्य खबरों के लिए Facebook से जुड़ें और Twitter पर फॉलो करें.


विज्ञान और अध्यात्म में क्या अंतर है.

जानें क्या है अध्यात्म? किस अवस्था में Inext Live. एक जन भ्रान्ति यह सदा से रही है कि विज्ञान और अध्यात्म परस्पर विरोधी हैं ।। दोनों में कुत्ते बिल्ली जैसा बैर है एवं इनका परस्पर सहकार तो दूर, मिलना कतई सम्भव नहीं ।। तार्किकों का कहना है कि मनुष्य की प्रगति जो आज इस रूप में दिखाई देती है,. विज्ञान और अध्यात्म पर निबंध. Blogs वैज्ञानिक अध्यात्म की व्यवहारिक उपयोगिता. ऐसे आध्यात्मिक तेज से चमकनेवाले भारतीय समाज को आज अध्यात्म शब्द से घृणा क्यों हो गई है, यह विचार करने की बात है । प्राथमिक अवस्था में, अध्यात्मशास्त्र में निहित विज्ञान को समझते हुए अभ्यास करने पर, यह पता चलेगा कि यह शास्त्र अति प्रगत विज्ञान ही है । मदिरापान के अधीन एक व्यक्ति द्वारा नामजप एवं आध्यात्मिक उपायों का आरंभ किए जाने के.





रोम का पतन.

इसाई धर्म के बारे में जाने. Know about Isai Dharm. धरती पर फैली प्राचीन सभ्यताओं के बात करें तो धरती के पश्चिमी छोपर रोम, ग्रीस और मिस्र देश की सभ्यताओं के नाम आज दुनियाभर की धार्मिक संस्कृति और समाज में हिन्दू धर्म की झलक देखी जा सकती है चाहे वह यहूदी धर्म हो, पारसी. रोमन साम्राज्य का उदय. Devasthan Department, Rajasthan. आदिनाथ जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ शांतिनगर में आचार्य देवेंद्रसागर ने कहा कि संस्कृति और धर्म में बहुत अंतर है। धर्म व्यक्तिगत ऐसा माना जाता है कि भारतीय संस्कृति यूनान, रोम, मिस्र, सुमेऔर चीन की संस्कृतियों से भी प्राचीन है।. रोमन साम्राज्य की राजनीतिक संरचना. बह21.pmd NIOS. रोम प्राचीन ऐतिहासिक व जादुई शहर है, जिसका आकर्षण अपने आपमें अनूठा है। रोम का आम बातें थीं, लेकिन बाद में वह न केवल ईसाई धर्म की राजधानी बना बल्कि आज कैथोलिक सम्प्रदाय के पोप की गद्दी वैटिकन है, जो इसी शहर का हिस्सा है।.


दुनिया का सबसे नास्तिक देश.

एक नास्तिक की स्वीकृति in Hindi. खुदा के बन्दो को देखकर खुदा से मुनकिर हुई है दुनिया, कि जिसके ऐसे बन्दे हैं वो कोई अच्छा खुदा नहीं।। आजकल संसार में सभी मतों के शिक्षित व धनिक मनुष्यों का आचरण प्रायः श्रेष्ठ मानवीय गुणों के विपरीत पाया जाता है जो मनुष्यों को. नास्तिक देशों की सूची. नास्तिक ही असली पात्र हैं ओशो दलित दस्तक. लाइफ स्टाइल बौलीवुड हेल्थ टिप्स क्राइम आपकी समस्याएं फार्मिंग ई मैगज़ीन ऑडियो स्टोरी. नास्तिकता. dharm karate hinsa n. नास्तिकता की ओर बढ़ती रूचि nastik मैं नास्तिक क्यों हूं… why study religion. नास्तिकता की ओर बढ़ रही है दुनिया. नास्तिक देश का नाम. नास्तिकता और धर्ममुक्त विज्ञानवाद ज़हरबुझा सत्य. नास्तिकता वह सिद्धांत है जो जगत् की सृष्टि करने वाले किसी भी ईश्वर के अस्तित्व को सर्वमान्य प्रमाण के न होने के आधापर स्वीकार नहीं करता.


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